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संयोगः 1984 बैच के अधिकारियों के हवाले देश की सुरक्षा, आप भी जानिए

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संयोगः 1984 बैच के अधिकारियों के हवाले देश की सुरक्षा, आप भी जानिए
नयी दिल्लीः 27 जून को देश को नया रॉ प्रमुख और आईबी डायरेक्टर मिला. इसी के साथ एक गजब का संयोग भी देखने को मिला. यह संयोग 1984 बैच के आईपीएस अफसरों से जुड़ा है. यह संयोग ही है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए), सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस(आईटीबीपी), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड(एनएसजी) और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन अथॉरिटी के प्रमुख 1984 बैच के ही हैं.
नए रॉ प्रमुख और सीबीआई डायरेक्टर भी 1984 बैच के ही आईपीएस अधिकारी हैं. इनमें से ज्यादातर अधिकारियों को संबंधित बलों और एजेंसियों में डीजीपी के तौर पर तैनात किया गया है. यह सिलसिला 2017 में शुरू हुआ, जब 1984 बैच के असम-मेघालय काडर के अधिकारी वाईसी मोदी को सितंबर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी का महानिदेशक नियुक्त किया गया. इसके बाद कई अन्य अधिकारी नियुक्त हुए, जो 1984 बैच के ही थे.
जनवरी 2018 में तेलंगाना काडर के अधिकारी सुदीप लखटकिया को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड का महानिदेशक बनाया गया. तीन महीने बाद 1984 बैच के ही बिहार काडर के अधिकारी राजेश रंजन की नियुक्ति केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक के तौर पर हुई. सीआईएसफ में नियुक्ति होने से पहले रंजन बीएसएफ में स्पेशल डीजी का पद संभाल रहे थे. पांच महीने बाद उत्तर प्रदेश काडर के अधिकारी रजनीकांत मिश्रा को बीएसएफ का प्रमुख बनाया गया.
एक महीने बाद हरियाणा कैडर के अधिकारी एसएस देसवाल को आईटीबीपी का प्रमुख नियुक्त किया गया. गत वर्ष अक्टूबर में आईटीबीपी में आने से पहले देसवाल एसएसबी के प्रमुख थे. वहीं इस वर्ष जनवरी में गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को ब्यूरो ऑफ सिविस एविएशन सिक्योरिटी का महानिदेशक बनाया गया है. 1984 के बैच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वास कायम है. यही वजह है कि बुधवार को पंजाब काडर के सामंत गोयल को रॉ और उनके बैचमेट असम-मेघालय कैडर के अरविंद कुमार को आईबी का निदेशक बनाया गया है.
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