[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National लोकसभा चुनाव 2019 : अन्नाद्रमुक भी वंशवादी राजनीति की राह पर, नेता पुत्रों को उतारने में कोई दल पीछे नहीं

लोकसभा चुनाव 2019 : अन्नाद्रमुक भी वंशवादी राजनीति की राह पर, नेता पुत्रों को उतारने में कोई दल पीछे नहीं

0
लोकसभा चुनाव 2019 : अन्नाद्रमुक भी वंशवादी राजनीति की राह पर, नेता पुत्रों को उतारने में कोई दल पीछे नहीं
चेन्नई : तमिलनाडु में वंशवाद की राजनीति को लेकर द्रमुक पर हमले करने वाली सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक अब अपने कई नेताओं के बेटों को टिकट देने के कारण आलोचना का सामना कर रही है.
हालांकि द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों का कहना है कि उम्मीदवारों की कठिन मेहनत और पार्टी के प्रति उनकी वफादारी को ध्यान में रखा गया है और उन्हें सिर्फ इस आधार पर टिकट से इंकार नहीं किया जा सकता कि उनके परिजन राजनीति में हैं. अन्नाद्रमुक के समन्वयक और उप मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम के बेटे रविंद्रनाथ कुमार को थेनी सीट से टिकट दिया गया है. इस कदम की आलोचना होने पर पार्टी ने उनका बचाव करते हुए कहा कि उन्हें कठिन मेहनत और वफादारी के लिए पुरस्कृत किया गया है.
राज्य की दो मुख्य राजनीतिक पार्टियां वंशवाद की राजनीति पर सवालों का सामना कर रही हैं, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के लिए अजीब स्थिति है. जे जयललिता अपनी चिर विरोधी द्रमुक को वंशवाद के मुद्दे पर हमेशा निशाना बनाती रही हैं. दोनों ही पार्टियां 20-20 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि बाकी 19 सीटें उन्होंने अपने सहयोगियों को दी हैं. राज्य में 39 लोकसभा सीटों के लिए एक चरण में 18 अप्रैल को चुनाव होंगे.
द्रमुक में छह ऐसे नेता बने उम्मीदवार
द्रमुक के 20 उम्मीदवारों में से छह प्रत्याशी तो प्रमुख नेताओं के बेटे हैं. द्रमुक के दिवंगत नेता एम करुणानिधि के बेटे एमके स्टालिन, पूर्व नेता एमके लागिरी और उनकी बेटी कनिमोई सक्रिय राजनीति में हैं. टीआरबी राजा और आइपी सेंथिल कुमार फिलहाल विधायक हैं. राजा द्रमुक नेता टीआर बालू के पुत्र हैं. बालू श्रीपेरूंबुदूर सीट से प्रत्याशी हैं.
अन्नाद्रमुक में चार बड़े नेता-पुत्रों को टिकट
अन्नाद्रमुक ने इस बार के लोकसभा चुनाव में ऐसे चार उम्मीदवारों को टिकट दिया है,जो पार्टी के बड़े नेताओं के बेटे हैं. अन्नाद्रमुक नेता व उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम के बेटे को भी इस बार टिकट दिया गया है. उन्हें 18 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा गया है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel