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Home National तीन तलाक पर अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी, दो जून तक ही रहेगा प्रभावी

तीन तलाक पर अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी, दो जून तक ही रहेगा प्रभावी

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तीन तलाक पर अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी, दो जून तक ही रहेगा प्रभावी

नयी दिल्ली : केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को मुसलमानों में एक साथ तीन तलाक बोलने की प्रथा से जुड़े अध्यादेश को मंजूरी दे दी. अध्यादेश के तहत इस परंपरा को मुसलमान पुरुषों के लिए दंडनीय बनाया गया है.

तलाक-ए-बिद्दत को खत्म करने के संबंध में संसद में पेश विधेयक फिलहाल राज्यसभा में लंबित है. मौजूदा लोकसभा के भंग होने के साथ ही तीन जून को यह विधेयक भी समाप्त हो जायेगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि कैबिनेट ने तीन तलाक पर अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पहले हस्ताक्षरित यह अध्यादेश पिछले लगभग एक साल में तीसरी बार प्रभावी हो रहा है.

इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ क्षेत्रीय द्रुत परिवहन प्रणाली के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी. इस पर 30,274 करोड़ रुपये की लागत आयेगी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि आवास एवं शहरी विकास मामलों के मंत्रालय द्वारा लागू की जानेवाली इस परियोजना के द्वारा एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ को हाईस्पीड रेल सेवा से जोड़ा जायेगा. रेपिड रेल मार्ग की कुल लंबाई 82.15 किमी होगी. इसमें 14.12 किमी मार्ग भूमिगत होगा, शेष मार्ग ऐलिवेटिड होगा. उन्होंने बताया कि इस परियोजना को पूरा करने में छह साल लगेंगे. इससे एनसीआर क्षेत्र में त्वरित यातायात सुविधा की शुरुआत होने के साथ ही इससे जुड़े क्षेत्रों में आवास एवं अन्य विकास कार्यों में तेजी आयेगी. जेटली ने बताया कि इस परियोजना की कुल लागत में केंद्र सरकार 5634 करोड़ रुपये देगी.

उल्लेखनीय है कि परियोजना की कुल लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा (लगभग 17 हजार करोड़) ऋण के रूप जुटाया जायेगा. जबकि उत्तर प्रदेश सरकार की हिस्सेदारी 4726 करोड़ रुपये और दिल्ली सरकार की हिस्सेदारी लगभग 1100 करोड़ रुपये होगी. जेटली ने बताया कि मंत्रिमंडल ने शहरी विकास से जुड़ी अहमदाबाद मेट्रो की दो परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गयी. उन्होंने बताया कि अहमदाबाद मेट्रो के दूसरे चरण में दो कॉरीडोर, मोटेरा स्टेडियम से महात्मा मंदिर और गुजरात नेशनल लॉ यूनीवर्सिटी से गिफ्ट सिटी को मंजूरी दी गयी.

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