[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National ‘एक बेटा खोया, दूसरे को भी सेना में भेजूंगा, मगर पाक को दो जवाब’

‘एक बेटा खोया, दूसरे को भी सेना में भेजूंगा, मगर पाक को दो जवाब’

0

पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है. कोई अपने परिवार से दो दिन पहले ही मिल कर गया था, तो किसी ने कुछ देर पहले ही परिवार से बात की थी, लेकिन अब न वे वापस लौटेंगे और न ही अपने परिवार से बात करेंगे. इसके बावजूद, शहीदों के परिजन अपने लाल की शहादत पर पाकिस्तान को हर हाल में जवाब देना चाहते हैं.

दूसरे बेटे को भी देश पर कुर्बान होने को करूंगा तैयार : पिता
शहीदों में बिहार के भागलपुर के रतन ठाकुर भी शामिल थे. उनके पिता को जब अपने बेटे की शहादत की खबर मिली तो वह पिता बेसुध हो गये. वह कहते हैं कि मैं देश की सेवा में एक बेटा खो चुका हूं. मैं अपने दूसरे बेटे को भी मातृभूमि की खातिर लड़ने और कुर्बान होने को तैयार रहने के लिए भेजूंगा लेकिन पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब मिलना चाहिए.
घर का इकलौता चिराग खोया, इसी साल थी शादी
हरियाणा में रोपड़ के रोली गांव के शहीद कुलविंदर सिंह घर में इकलौते बेटे थे और घर में अकेले कमाने वाले थे. उनकी शादी 11 नवंबर की तय हो गयी थी. खुशियों का माहौल एकदम से मातम में बदल गया. घर में मां अस्वस्थ रहती हैं, पिता ट्रक ड्राइवर हैं. ड्राइविंग लाइसेंस खत्म होने पर घर में ही रहते हैं. कुलविंदर के बूढ़े दादा को कुलविंदर पर गर्व है. वे चाहते हैं कि पाक से बदला लिया जाये.
कुछ देर पहले कहा- सब ठीक है फिर आयी शहादत की खबर
आगरा के कौशल कुमार रावत के शहीद होने की खबर जैसे ही आयी, वैसे ही सभी लोग उनके घर की ओर दौड़ पड़े. बेटे की शहादत की खबर सुनकर बूढ़े मां-बाप का बुरा हाल है. तीन दिन पहले ही कौशल छुट्टी खत्म करके वापस ड्यूटी पर लौटे थे. बड़े भाई से रास्ते में बात करते हुए कहा ही था कि अभी रास्ते में हूं.
परिवार के साथ छुट्टियां मना कर लौटे थे वसंथा कुमार
केरल के वायनाड जिले के वीवी वसंथा कुमार महज एक हफ्ते पहले ही परिवार के साथ छुट्टियां मनाकर ड्यूटी पर लौटे थे. वसंथा का परिवार यकीन नहीं कर पा रहा कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहे. परिवार के लिए यह दूसरा झटका है, क्योंकि वसंथा के पिता वासुदेवन का छह महीने पहले ही निधन हुआ है. वसंथा के चचेरे भाई सजीवन ने कहा कि मेरा बड़ा भाई देश के लिए शहीद हुआ है और हमें उनकी शहादत पर गर्व है.
देश के लिए जान लुटाने वाले बेटे के लिए मांग रहे इंसाफ
आतंकी हमले में प्रयागराज का भी एक लाल शहीद हुआ है. प्रयागराज शहर से 40 किलोमीटर दूर मेजा इलाके में रहने वाले महेश कुमार के दो छोटे-छोटे बेटे हैं. जैसे ही उनकी शहादत की सूचना घर आयी तो कोहराम मच गया. इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गयी. शहीद के घर में अब घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल है. घर वाले अब देश के लिए जान लुटाने वाले अपने शहीद बेटे के लिए इंसाफ मांग रहे हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel