[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National तीन तलाक पर फिर से अध्यादेश लायेगी सरकार, प्रस्ताव को कैबिनेट से मिली मंजूरी

तीन तलाक पर फिर से अध्यादेश लायेगी सरकार, प्रस्ताव को कैबिनेट से मिली मंजूरी

0
तीन तलाक पर फिर से अध्यादेश लायेगी सरकार, प्रस्ताव को कैबिनेट से मिली मंजूरी

नयी दिल्ली : एक बार में तीन तलाक को अपराध घोषित किये जाने के मामले पर सरकार की ओर से जारी अध्यादेश इसी महीने समाप्त होने के पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस मसले पर एक बार फिर अध्यादेश लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय कैबिनेट ने एक बार में तीन तलाक को अपराध घोषित किये जाने से संबंधित अध्यादेश को फिर से जारी करने के प्रस्ताव को गुरुवार को मंजूरी प्रदान कर दी.

इसे भी पढ़ें : ‘ट्रिपल तलाक’ बिल में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी, अपराध गैरजमानती पर मिल सकता है बेल

इससे पहले जारी अध्यादेश की अवधि 22 जनवरी को समाप्त हो रही है. पहला अध्यादेश पिछले साल सितंबर में जारी किया गया था. पहले अध्यादेश को कानून का रूप प्रदान करने के लिए एक विधेयक राज्यसभा में लंबित है, जहां विपक्ष इसे पारित किये जाने का विरोध कर रहा है. सरकार के सूत्रों ने कहा कि अध्यादेश फिर से लागू किया जायेगा, लेकिन इसके समय को लेकर अभी यह निर्णय नहीं हुआ है.

गौरतलब है कि एक अध्यादेश की समयावधि छह महीने की होती है, लेकिन कोई सत्र शुरू होने पर इसे विधेयक के तौर पर संसद से 42 दिन (छह सप्ताह) के भीतर पारित कराना होता है, वरना यह अध्यादेश निष्प्रभावी हो जाता है. अगर विधेयक संसद में पारित नहीं हो पाता है, तो सरकार अध्यादेश फिर से ला सकती है. सूत्रों ने कहा कि अध्यादेश पिछले साल 11 दिसंबर को शुरू हुए शीतकालीन सत्र के 42वें दिन यानी 22 जनवरी को निष्प्रभावी हो जायेगा.

एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि अध्यादेश 31 जनवरी को शुरू हो रहे बजट सत्र से केवल एक सप्ताह पहले निष्प्रभावी हो जायेगा. सरकार सत्र में इस विधेयक को पारित कराने की कोशिश करेगी, लेकिन इस बारे में फैसला अभी नहीं हुआ है कि अध्यादेश निष्प्रभावी होने के बाद इसे फिर से लागू किया जायेगा या नहीं. अधिकारी ने कहा कि दूसरा विकल्प यह होगा कि मध्य फरवरी में बजट सत्र के समापन तक का इंतजार किया जाये.अगर विधेयक पारित नहीं होता है, तो तब अध्यादेश फिर से लागू किया जा सकता है.

मुस्लिमों में तीन तलाक की परंपरा को दंडनीय अपराध घोषित करने वाला नया विधेयक 17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था. नये विधेयक का उद्देश्य सितंबर में लागू अध्यादेश की जगह लेना था. लोकसभा ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी दी थी, लेकिन विधेयक को राज्यसभा में कड़े विरोध का सामना करना पड़ा. फिलहाल, विधेयक ऊपरी सदन में लंबित है. प्रस्तावित कानून के तहत एक बार में तीन तलाक (तलाक ए बिद्दत) गैर-कानूनी और शून्य होगा और ऐसा करने पर पति को तीन साल की सजा होगी.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel