नयी दिल्ली : ‘ट्रिपल तलाक’ को रोकने के लिए बना विधेयक आज राज्यसभा में पेश होना था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण बिल पेश नहीं हो सका. विपक्ष ने इतना हंगामा किया कि राज्यसभा को पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ गया. पूरा विपक्ष बिल को ज्वाइंट सलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग पर अड़ा रहा, जिसके कारण बिल पेश नहींहो सका.
लोकसभा ने बिल को पारित कर दिया है. कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही अपने सांसदों को आज राज्यसभा में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया है.
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लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कई पार्टियों ने बिल पर आपत्ति जताते हुए इसे ज्वाइंट सलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की. लोकसभा में यह बिल 245 के खिलाफ 11 वोटों से पारित हुआ था. कांग्रेस, एआईएडीएमके और टीएमसी ने वॉकआउट कर दिया था. चूंकि राज्यसभा में सरकार के पास के पास बहुमत नहीं है, इसलिए बिल पास करवाना उसके लिए टेढ़ी खीर साबित होगा.
विपक्ष ट्रिपल तलाक बिल को ज्वाइंट सलेक्ट कमेटी के पास भिजवाना चाहता है. लोकसभा चुनाव 2019 नजदीक है और सभी पार्टियां अपने वोटर्स को साधना चाह रही हैं. गौरतलब है कि अगस्त 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने ‘ट्रिपल तलाक’ को असंवैधानिक घोषित कर दिया था और सरकार से इसके खिलाफ कानून बनाने को कहा था. सितंबर महीने में सरकार ‘ट्रिपल तलाक’ के खिलाफ अध्यादेश लेकर आयी है, जिसकी अवधि समाप्त होने से पहले उसे यह बिल संसद से पारित करवाना होगा.
