[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National सूरत के वोरा परिवार के बच्चों ने शुरू की धार्मिक पढ़ाई, करोड़ों की संपत्ति छोड़ भाई-बहन बनेंगे संन्यासी

सूरत के वोरा परिवार के बच्चों ने शुरू की धार्मिक पढ़ाई, करोड़ों की संपत्ति छोड़ भाई-बहन बनेंगे संन्यासी

0
सूरत के वोरा परिवार के बच्चों ने शुरू की धार्मिक पढ़ाई, करोड़ों की संपत्ति छोड़ भाई-बहन बनेंगे संन्यासी
करोड़ों रुपये की संपत्ति का त्यागकर गुजरात के रहने वाले भाई-बहन संन्यासी बनने जा रहे हैं. नौ दिसंबर को सूरत में आयोजित दीक्षा समारोह में यश वोरा (20) दीक्षा लेने के बाद साधु बनेंगे तो उनकी बहन आयुषी वोरा (22) संन्यासिनी बन जायेंगी. यश और आयुषी दोनों गुजरात के एक कपड़ा व्यवसायी के बच्चे हैं. दोनों ने इंटर की पढ़ाई के बाद धार्मिक पढ़ाई के लिए पूज्य आचार्य भगवान यशोवरम सुरिश्रवर महाराज के पास गये थे.
चार साल पहले दोनों ने दीक्षा लेकर संन्यास धारण करने का फैसला लिया. आयुषी ने कहा कि मेरी मां मुझसे कहती थीं कि किसी से मेरी शादी करने की बजाय वह मुझे माता जी की रूप में देखना चाहती हैं. मेरी मां की सलाह पर मैंने संन्यास धारण करने का फैसला लिया है. अब नौ दिसंबर को मेरा यह सपना पूरा हो जायेगा.
वहीं, आयुषी के भाई यश ने कहा कि मैंने अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर पापा के कपड़ा व्यवसाय के समझने के लिए उनके साथ जुड़ा. कुछ महीनों के बाद मुझे अहसास हुआ कि मैं इस काम के लिए नहीं बना हूं. मेरा दिमाग बहुत अशांत रहने लगा.
उसी दौरान मेरी बहन ने मुझे संन्यास धारण करने की सलाह दी. मैं पालीताना गया और वहां आचार्य जी से प्रभावित हुआ. उसके बाद मैंने भी संन्यास धारण करने का फैसला किया. यश ने कहा कि जब से उसने संन्यास लेने का फैसला लिया है तब से उसका दिल सांसारिक भौतिकता से हट गया है.
बच्चों के फैसले पर खुश हैं माता-पिता, गांव के हर घर में हैं संन्यासी
बदल जायेगी लाइफस्टाइल, पहनेंगे सूती कपड़े
संन्यास लेने के बाद दोनों जहां कार पर चलते थे, अब वे पैदल चलेंगे. ब्रांडेड कपड़ों का त्याग करके साधारण सफेद सूती कपड़े धारण करेंगे. उनका भोजन भी सात्विक होगा. इसके अलावा उन्हें जैन धर्म के सभी रिवाजों का पालन भी करना होगा.
अपने तीसरे बच्चे को भी देखना चाहते हैं संन्यासी के रूप में
आयुषी और यश के पिता भरत वोरा (57) ने बताया कि उनका कपड़ों का बहुत बड़ा व्यापार है. खुद का अडाजन में एक बड़ा बंगला है जिसमें भरत भाई वोरा अपनी पत्नी ज्योत्सना बेन, बेटे यश, बेटी आयुषी और छोटे बेटे राज के साथ रहते हैं.
पैतृक गांव में करोड़ों की संपत्ति है. बावजूद इसके वह अपने बच्चों के फैसले से खुश हैं. उन्होंने कहा कि उनके गांव वाव-थारड बनासकांठा में 15 घर हैं. सिर्फ उनके घर को छोड़कर सबके घर में संन्यासी हैं. वह अपने सबसे छोटे बेटे राज को भी बड़ा होने पर संन्यासी के रूप में ही देखना चाहते हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel