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Home National ”सौंदर्य की नदी नर्मदा” को गढ़ने वाले अमृतलाल वेगड़ का निधन

”सौंदर्य की नदी नर्मदा” को गढ़ने वाले अमृतलाल वेगड़ का निधन

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”सौंदर्य की नदी नर्मदा” को गढ़ने वाले अमृतलाल वेगड़ का निधन

नयी दिल्ली : नर्मदा आंदोलन में तालाब में चार लोटा दूध डालने की तरह अपनी चार रचनाओं से अमूल्य योगदान देने और ‘सौंदर्य की नदी नर्मदा’ को गढ़ने वाले प्रमुख साहित्यकार अमृतलाल वेगड़ का शुक्रवार सुबह जबलपुर में निधन हो गया. अमृतलाल वेगड़ ने 90 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. खराब स्‍वास्‍थ्‍य की वजह से वे पिछले कुछ समय से वेंटिलेटर पर थे. अपने जीवनकाल में उन्होंने दो बार नर्मदा की परिक्रमा भी की थी.

इसे भी पढ़ें : अमृतलाल वेगड़ का यात्रा संस्मरण – सौंदर्य की नदी नर्मदा

साहित्य ही नहीं, चित्रकार भी थे वेगड़

अमृतलाल वेगड़ गुजराती तथा हिंदी भाषा के विख्यात साहित्यकार साथ ही जाने-माने चित्रकार थे. उन्‍होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए उल्लेखनीय काम किया. वे गुजराती और हिंदी में साहित्य अकादमी पुरस्कार एवं अनेक राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हुए थे.

वेगड़ ने की नर्मदा और उसकी सहायक नदियों की पदयात्रा

अमृतलाल वेगड़ ने नर्मदा और उसकी सहायक नदियों की 4000 किलोमीटर से भी अधिक की पदयात्रा की. उन्‍होंने नर्मदा पर चार किताबें लिखीं. उनकी इन चार रचनाओं में ‘सौंदर्य की नदी नर्मदा’ काफी प्रसिद्ध है. इसके अलावा ‘अमृतस्य नर्मदा’, ‘तीरे-तीरे नर्मदा’ और ‘नर्मदा तुम कितनी सुंदर हो’ भी प्रकाशित हुई थी.

जबलपुर में जन्मे थे वेगड़

अमृतलाल वेगड़ का जन्म 3 अक्टूबर, 1928 में जबलपुर में हुआ. 1948 से 1953 तक शांतिनिकेतन में उन्होंने आर्ट की पढ़ाई की. वेगड़ ने नर्मदा की पूरी परिक्रमा की. उन्होंने नर्मदा पदयात्रा वृत्तांत पर तीन किताबें लिखीं हैं, जो हिंदी, गुजराती, मराठी, बंगला अंग्रेजी और संस्कृत में प्रकाशित हुई हैं.

सीएम शिवराज ने ट्वीट कर जताया शोक

अमृतलाल वेगड़ के निधन पर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया कि ‘मां नर्मदा के जीवनदायनी असीमित स्वरूप को रंगों और शब्दों में अभिव्यक्त करने वाले मूर्धन्य साहित्यकार श्री अमृतलाल वेगड़ को श्रद्धांजलि. आपका जाना पर्यावरण, साहित्य और नर्मदा सेवकों सहित देश के लिए अपूरणीय क्षति है. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें.

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