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Home National लश्कर से लौटे माजिद पर नहीं चलेगा पुलिस केस, सेना अौर पुलिस ने किया वेलकम

लश्कर से लौटे माजिद पर नहीं चलेगा पुलिस केस, सेना अौर पुलिस ने किया वेलकम

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लश्कर से लौटे माजिद पर नहीं चलेगा पुलिस केस, सेना अौर पुलिस ने किया वेलकम

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के सदस्य माजिद खान के खिलाफ कोई पुलिस केस नहीं चलाया जायेगा. माजिद खान ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है. कश्मीर का फुटबॉल खिलाड़ी रहा माजिद हाल ही में लश्कर ए तैयबा में शामिल हो गया था और अपनी मां की पुकार पर वापस आ गया. 20 साल के फुटबॉलर का आतंकी संगठन में शामिल होना और फिर वापस आना फिल्मी कहानी की तरह है. वह अनंतनाग जिले का रहने वाला है. आतंकी संगठन से जुड़ने से पहले माजिद एक एनजीओ के लिए काम करता था. वह इस संस्था का इमरजेंसी हेड था.

दरअसल, इस मामले में माजिद की मां का वीडियो सामने आया था, जिसमें वह यह कहती नजर आ रही थीं कि बेटे घर वापस आ जाओ, मैं तुम्हें फिर से खेल के मैदान में देखना चाहती हूं. वह वीडियो में यह कहती दिखती हैं कि बेटा आ जाओ हमारी जान ले लो, उसके बाद चले जाना.

नाटकीय ढंग से उसके सरेंडर किये जाने के बाद आज सेना व जम्मू कश्मीर पुलिस ने संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस किया. सेना के मेजर जनरल बीएस राजू ने इस दौरान कहा कि माजिद खान का यह बहुत बहादुरी भरा निर्णय है. उन्होंने उसे शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह जल्द सामान्य जीवन शुरू कर सकेगा. उन्होंने कहा कि उसने बहादुरी भरा निर्णय लिया और मुख्यधारा में वापस आया.

वहीं, जम्मू कश्मीर पुलिस के आइजी मुनीर खान ने माजिद के इस कदम के लिए उसके परिवारवालों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार के बीच वापस आया है. उन्होंने कहा कि गलत रास्ते पर गये युवा के वापस लौटने पर हम उनका स्वागत करते हैं और वे शांति से समाज में रहें और अपना काम करें.


डीजीपी की कश्मीरी महिलाओं से अपील : अपने बच्चों से कहिये, हिंसा का रास्ता छोड़ें

जम्मू: जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एसपी वैद्य ने आज प्रदेश की वैसी सभी महिलाओं से अनुरोध किया कि जिनके बच्चे आतंकवाद से जुड़े हैं, वे अपने बच्चों से हिंसा का रास्ता छोड़ कर वापस घर लौटने का अनुरोध करें. एक हफ्ते पहले लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ने वाले कॉलेज छात्र और फुटबॉलर माजिद अरशिद खान ने बीती रात दक्षिण कश्मीर में सेना के एक कैंप में अपने हथियार और गोलाबारुद के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था. इसके बाद ही डीजीपी की यह प्रतिक्रिया सामनेआयी. अधिकारियों ने श्रीनगर में कहा कि आज सुबह उसे एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया. दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग में अपनी स्थानीय टीम में गोलकीपर रहे अरशिद के बारे में माना जाता है कि एक मुठभेड़ में करीबी दोस्त की मौत के बाद वह आतंकवाद के रास्ते परबढ़ गया था. डीजीपी ने ट्विटर पर लिखा, मैं प्रार्थना करता हूं कि सद्बुद्धि आये और ऐसी सभी माएं जिनके बच्चों ने बंदूकों का दामन थाम लिया है वे अपने बेटों से अनुरोध करें कि वो हिंसा का रास्ता छोड़ कर घर वापस आ जायें. वैद्य ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के एक ट्विटर संदेश को री-ट्वीट करते हुए यह पोस्ट लिखी. अरशिद के आत्मसमर्पण पर प्रतिक्रिया देतेहुए मुफ्ती ने कहा था, फुटबॉलर बनने के अकांक्षी एक बेटे को वापस घर लाने में एक मां के प्यार की जीत हुई. मुख्यमंत्री ने कहा, हर बार एक युवक जब हिंसा का सहारा लेता है तो सबसे ज्यादा परेशानी का सामना उसके परिवार को करना पड़ता है. पुलिस लगातार अरशिद के परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ संपर्क में थी और अनुरोध कर रही थी कि वे घर वापसी के लिए उस पर दबाव डालें.

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