[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National फेल नहीं करने की नीति खत्म करने के बारे में जल्द ही विधेयक लायेगी सरकार : जावड़ेकर

फेल नहीं करने की नीति खत्म करने के बारे में जल्द ही विधेयक लायेगी सरकार : जावड़ेकर

0
फेल नहीं करने की नीति खत्म करने के बारे में जल्द ही विधेयक लायेगी सरकार : जावड़ेकर

नयीदिल्ली : मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज बताया कि पांचवी से आठवीं कक्षा के छात्रों को फेल न करने की नीति खत्म करने के बारे में जल्द ही संसद में एक विधेयक लाया जाएगा. अभी शिक्षा के अधिकार कानून के तहत आठवीं कक्षा तक के छात्रों को फेल नहीं करने का प्रावधान है. लोकसभा ने आज संक्षिप्त चर्चा के बाद नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार संशोधन विधेयक 2017 को मंजूरी दे दी. विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए जावड़ेकर ने कहा कि यह विषय 5वीं से 8वीं कक्षा के बच्चो के पठन पाठन और सीखने के निष्कर्षों पर आधारित है. अगर बच्चा मार्च में परीक्षा में फेल होता है तो उसे मई में एक और अवसर मिलेगा. और मई में फेल होने के बाद उसे उस कक्षा में रोक लिया जायेगा. मंत्री ने कहा कि इस बारे में एक विधेयक जल्द ही आ रहा है.

उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान एक बात सामनेआयी है कि शिक्षा के क्षेत्र में पैसा काफी खर्च हो रहा है, विस्तार भी हो रहा है लेकिन गुणवत्ता कैसे बेहतर हो यह सवाल भी उठ रहा है. जावड़ेकर ने कहा कि हम ‘स्वयं प्लेटफार्म ‘, स्वयंप्रभा के माध्यम से आनलाइन और सीधे सम्पर्क के जरिये पठन पाठन एवं प्रशिक्षण को आगे बढा रहे हैं. लोग सीख रहे हैं और सर्टिफिकेट भी प्राप्त कर रहे हैं. इसके जरिये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्तम पाठ्य सामग्री प्रदान करने के साथ डीटीएच के 32 चैनलों के माध्यम से आगे बढाया जा रहा है. इसके माध्यम से अपनी पसंद के अनुसार पढाई करने की व्यवस्था कीगयी है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसमें आनलाइन माध्यम से पठन पाठन की इलेक्ट्रानिक निगरानी की भी व्यवस्था है. इसके अलावा हर साल 12 दिनों के शिविर का भी आयोजन किया जायेगा जिसमें शिक्षकों एवं अभिभावकों के संवाद का भी प्रबंध होगा. नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार संशोधन विधेयक 2017 को मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 10 अप्रैल 2017 को पेश किया थाा. इसमें आरटीई अधिनियम 2009 के तहत शिक्षकों को नियुक्ति केलिए न्यूनतम अर्हता प्राप्त करने की मियाद को बढा कर 31 मार्च 2019 करने की बात कहीगयी है.

नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार कानून में कहा गया था कि अगर किसी राज्य में पर्याप्त संख्या में शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान और पर्याप्त संख्या में दक्ष शिक्षक नहीं हों, तो ऐसी स्थिति में न्यूनतम अर्हता कानून बनने के पांच वर्ष की अवधि अर्थात 31 मार्च 2015 तक प्राप्त करनी होगी. कानून में संशोधन वाले इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि जिल शिक्षकों ने न्यूनतम अर्हता प्राप्त नहीं की है, वे इसके बाद चार वर्षो की अवधि में अर्थात 31 मार्च 2019 तक इसे हासिल करेंगे. स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति के बारे में सदस्यों की चिंताओं पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कुछ जगहों पर बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है. राजस्थान में स्कूलों में आदर्श शिक्षकों के चित्र लगाये जा रहे हैं. इस बारे में एक एप्प का भी विकास किया गया है. सदस्यों कें सवालों के जवाब में मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा किआठ राज्य ऐसे हैं जहां काफी संख्या में अप्रशिक्षित शिक्षक हैं. हम इन प्रदेशों में शिक्षक प्रशिक्षण पर ध्यान देने केलिए विशेष टीम बना रहे हैं और इस विषय पर खास ध्यान दिया जायेगा.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel