डेंगू के दौरान कैसा हो मरीज का आहार

अर्चना नेमानी डायटीशियन व डायबिटीज एजुकेटर ‘आहार क्लिनिक’ बैंक रोड, मुजफ्फरपुर यह मौसम मच्छरों की वृद्धि में सहायक है. इस कारण अभी डेंगू और चिकनगुनया के मामले भी अधिक आ रहे हैं. इन रोगों से बचने में भोजन का महत्वपूर्ण रोल नहीं है, लेकिन रोग के कारण कमजोर हुए शरीर को रिकवर करने में इसकी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 12, 2016 6:15 AM
अर्चना नेमानी
डायटीशियन व
डायबिटीज एजुकेटर
‘आहार क्लिनिक’
बैंक रोड, मुजफ्फरपुर
यह मौसम मच्छरों की वृद्धि में सहायक है. इस कारण अभी डेंगू और चिकनगुनया के मामले भी अधिक आ रहे हैं. इन रोगों से बचने में भोजन का महत्वपूर्ण रोल नहीं है, लेकिन रोग के कारण कमजोर हुए शरीर को रिकवर करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. यहां हम आपको कुछ ऐसी खाने-पीने की चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनके सेवन से रोग के कारण आयी कमजोरी दूर होती है.
तरल पदार्थ : डेंगू बुखार से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बहुत जरूरी होता है. भूख बंद हो जाती है और भोजन निगलने व पचने में भी परेशानी आने लगती है.
अत: यह आवश्यक हो जाता है कि विटामिंस, मिनरल्स और एनर्जी से भरपूर पेय पदार्थ थोड़े-थोड़े अंतराल पर दिये जायें. फलों व सब्जियों का सूप, जूस, रस, ओरल रिहाइड्रेशन साॅल्यूशन, नारियल पानी, छेने का पानी (नीबू व नमक डाल कर) माड़, बारली का पानी, नीबू पानी, दाल का पानी इत्यादि दिये जायें. इस मौसम में बाजार में मौसमी, अमरूद, अनन्नास, अनार, कीवी, पपीता, अनार जैसे फल उपलब्ध हैं. इनका जूस भी देना काफी फायदेमंद है. टमाटर, पालक, हरी पत्तेदार साग, लाल साग, हरी सब्जियां, चुकंदर का सूप पीना भी लाभकारी होगा. धनिया, पुदीने का पत्ता, करी पत्ता, तुलसी पत्ता, मूली के पत्ते को गाजर या खीरे इत्यादि के जूस या सूप में मिला कर देना लाभकारी भी होगा और इससे स्वाद भी बढ़ेगा.
ये चीजें विटामिंस, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स इत्यादि से भरपूर होते हैं, जो लिंफोसाइट को बढ़ाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मददगार साबित होंगे. नारियल पानी शरीर को ताजगी प्रदान करने में सहायक होगा.
विटामिन सी : 1990 में प्रकाशित जापानी जनरल ऑफ हिमेटोलॉजी के अनुसार प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने में ‘विटामिन सी’ की मात्रा ज्यादा कारगर होती है. यह वायरल इन्फेक्शन में कोशिकाओं को क्षय से बचाता है. आंवला विटामिन ‘सी’ से भरपूर होता है, जो इस मौसम में बाजार में उपलब्ध है. 100 ग्राम आंवला में 600 मिलीग्राम विटामिन ‘सी’ पाया जाता है, जो हमारी रोज की जरूरत से कई गुणा ज्यादा होता है.
अदरक का जूस : डेंगू, चिकनगुनया बुखार में चक्कर आने की शिकायत होती है. अदरक के जूस को गरम पानी में मिला कर पीने से आराम मिलता है.
पालक : पालक विटामिन ‘ए’, ‘डी’, मिनरल्स, आयरन, फाइबर एंटीऑक्सीडेंट से भरपुर होता है. यह विटामिन ‘के’ का भी अच्छा स्रोत है. यह प्लेटलेट्स को बढ़ाने में मददगार है. पालक के विभिन्न व्यंजनों को अगर टमाटर डाल कर इस्तेमाल करें, तो इसकी क्षमता कई गुणा बढ़ जायेगी. पालक व टमाटर के जूस को रोज पीना चाहिए.
ज्यादा नमक, मिर्च-मसाला, तला-भुना, नॉन वेज, अंडा, मीट-मछली, क्रीम, बटर, चीज, मैदा, खोआ से बनी चीजों से बचें. बीमारी की शुरुआत में, बुखार में हल्का, सुपाच्य भोजन दें. सेब, ब्रेड, सूप, चाय, केला, उबली सब्जियां, दलिया, जूस, रस, चाय, फलों का पल्प दिया जा सकता है. बुखार उतरने के बाद, जब स्थिति थोड़ी सुधरने लगे, तो प्रोटीन युक्त भोजन जैसे, दूध या दूध से बने पदार्थ, दाल, अंडा, मछली, चिकन, राजमा, सोयाबीन, चना, अंकुरित दाल, अनाज इत्यादि देने से कमजोरी जल्दी दूर हो जाती है. बुखार उतरने के बाद सही खान-पान का ध्यान रखने पर मरीज जल्द ही सामान्य होने लगता है.