[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home लाइफस्टाइल विटामिन डी की कमी से होती हैं गंभीर बीमारियां

विटामिन डी की कमी से होती हैं गंभीर बीमारियां

0
विटामिन डी की कमी से होती हैं गंभीर बीमारियां

विटामिन डी शरीर की अति-आवश्यक जरूरत है. इसकी कमी के कारण डायबिटीज और उससे जुड़े कई रोग हो सकते हैं. यही नहीं, विटामिन डी की कमी से ह्रदय रोग से लेकर कैंसर जैसी जटिल बीमारियां होने की संभावनाएं होती हैं.

विटामिन डी कई उत्पादकों में पाया जाता है जिनमें प्राकर्तिक साधनों सहित, पशु-आधारित उत्पादों जैसे-मछली और मछली के तेल में भी पाया जाता है.

विटामिन डी हमारे शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ कैल्शियम को संशोषित कर उन्हें बाहरी चोटों से बचाता है. इसके अलावा इम्यून सिस्टम को स्वस्थ बनाए रखता है.

विटामिन डी की कमी से हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी आने लगती है. माना जाता है कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में कम विटामिन डी पाया जाता है. इसके कई कारण भी है जैसे- प्रेगनेंसी के बाद महिलाएं ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं जिसके बाद उनके शरीर में सभी प्रकार के विटामिन्स और अन्य तत्वों की कमी हो जाती है.

महिलाओं के अलावा नवजात शिशुओं में, छोटे बच्चों में, बढ़ती उम्र की लड़कियों में और बुजुर्गों को विटामिन डी की अधिक आवश्यकता होती है.

यूके डिपार्टमेंट ऑफ़ हेल्थ के अनुसार-

रोजाना 5 माइक्रोग्राम विटामिन डी किशोरों के लिए आवश्यक है.

5 साल तक के बच्चों के लिए रोजाना 7 माइक्रोग्राम विटामिन डी

प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को रोजाना 10माइक्रोग्राम विटामिन डी

बुजुर्गों को रोजाना 10 माइक्रोग्राम विटामिन डी लेनी चाहिए.

एक नई रिसर्च अनुसार, विटामिन डी डिप्रेशन से लड़ने में मददगार है. साथ ही यह सर्दी-जुकाम को दुरुस्त करने में मदद करती है. विटामिन डी लेने के लिए सबसे कारगर उपाय है धूप सेकना/धूप लेना. इसके बाद आहार में फिश, मशरूम, दूध, अंडा, ऑलिव ऑइल, संतरे का जूस, सप्लीमेंट दवाएं शामिल की जा सकती हैं.

*दवाएं डॉक्टर के परामर्श के बिना कभी न लें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel