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Home लाइफस्टाइल क्यों आता है रात में सोते वक्त पसीना, जानें…

क्यों आता है रात में सोते वक्त पसीना, जानें…

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क्यों आता है रात में सोते वक्त पसीना, जानें…

डॉ रागिनी ज्योति

बीएचएमएस, आदर्श होमियो क्लीनिक, राजीव नगर, पटना
आम तौर पर पसीना आना चिंता का विषय नहीं माना जाता है, लेकिन जब जरूरत से ज्यादा पसीना आये तो आपको सतर्क होने की आवश्यकता है. खास कर यदि पसीना रात को सोते समय आ रहा हो. रात में अत्यधिक पसीना आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. यह कई बार गंभीर बीमारियों का लक्षण भी हो सकता है. अत: इसे इग्नोर न करें. रात को सोते समय आनेवाला पसीना इन कारणों से आ सकता है :
रजोनिवृत्ति : रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं को अचानक से गर्मी की अनुभूति होने लगती है. इससे उन्हें अचानक से अत्यधिक पसीना आने लगता है. खासतौर पर रात में नींद के दौरान अधिक पसीना आने लगता है. कुछ मामलों में पसीना इतना अधिक होता है कि महिला के कपड़े व चादर भी भीग जाते हैं. यह महिलाओं में पसीना आने का एक आम कारण है.
संक्रमण : बैक्टीरियल इंफेक्शन, जैसे एंडोकार्डिसिस (हार्ट के वाल्व में सूजन), ऑस्टियोमाइलिटिस (हड्डियों में सूजन) और फोड़े की वजह से भी रात को पसीना आने की समस्या हो सकती है.
हाइपोग्लाइसीमिया : कभी-कभी ब्लड शूगर का स्तर कम हो जाने की वजह से भी पसीना आने की समस्या होती है. जो लोग डायबिटीज की दवाएं या इंसुलिन लेते हैं, उन्हें हाइपोग्लाइसेमिया की समस्या हो जाती है. इस वजह से रात को अधिक पसीना आता है.
हाइपरहाइड्रोसिस : बिना किसी कारण के शरीर से पसीने का निकलना मेडिकल समस्या है. इसे हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं. जो लोग इससे पीड़ित होते हैं, उनके पसीने के ग्लैंड्स आवश्यकता से अधिक सक्रिय होते हैं.
चिंता : तनाव, चिंता और घबराहट की वजह से आपको दिन में पसीना आता है, किंतु इसकी वजह से रात को भी पसीना आ सकता है. बुरे सपने और नींद की कमी के कारण भी घबराहट के साथ पसीना आ सकता है. यदि ऐसा बार-बार हो, तो आपके दैनिक जीवन में समस्याएं पैदा हो सकती हैं. अत: इस बारे में आप अपने चिकित्सक से सलाह लें.
हॉर्मोनल असंतुलन : हॉर्मोंस की गड़बड़ी से भी रात में पसीना आने की समस्या होती है. फीयोक्रोमोसाइटोमा, कार्सिनॉइड सिंड्रोम और हाइपरथाइरॉयडिज्म सहित अन्य हॉर्मोनल विकार, पसीने की वजह बन सकते हैं.
गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज : गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज का सबसे पहला और बड़ा लक्षण सीने में जलन होना होता है. रात को पसीना आना भी इसका एक मुख्य कारण होता है. ऐसे में आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है, ताकि कोई गंभीर समस्या न हो.
स्लीप एप्निया : स्लीप एप्निया एक सामान्य शारीरिक विकार है, जो सोते समय सांस रुकने और बार-बार करवटें बदलने जैसी समस्या उत्पन्न करता है, क्योंकि आपके शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिलता है. आमतौर पर स्लीप एप्निया तब होता है, जब सोते समय किसी व्यक्ति की सांस रुकने लगती है. इसमें सांस कुछ सेकंड से कुछ मिनट तक भी रुक सकती है. रात को अत्यधिक पसीना आता है.
लिंफोमा : लिंफोमा एक ऐसा कैंसर है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली में मौजूद संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाओं में शुरू होता है, जिन्हें ल्य्म्फोसिट्स कहा जाता है. ये कोशिकाएं लिम्फ नोड्स, प्लीहा, अस्थि मज्जा, थाइमस और शरीर के अन्य भागों में मौजूद होती हैं. लिंफोमा में ल्य्म्फोसिट्स अनियंत्रित हो कर बढ़ने लगते हैं. कई कैंसर रात के पसीने का कारण बन सकते हैं, लेकिन सबसे आम है लिम्फोमा. हॉजकिन लिंफोमा और नॉन -हॉजकिन लिंफोमा दोनों में मरीज को रात में पसीना आता है. इसके अलावा बुखार, थकान, त्वचा पर खुजली, सांस फूलना, वजन घटना लिंफोमा के मुख्या लक्षणों में से हैं.प्रोस्टेट कैंसर, किडनी कैंसर, अंडाशय और अंडकोष में कुछ ट्यूमर (दोनों कैंसरस और नॉन -कैंसरस ) रात में पसीने का कारण बन सकता है. रात को पसीना आना कार्सिनॉइड सिंड्रोम का एक क्लासिक लक्षण है.
क्षय रोग : यह एक संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस से फैलती है. यह हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है. पसीना आना टीबी होने का लक्षण है. मरीज को रात में सोते समय पसीना आता है. वहीं, मौसम चाहे जैसा भी हो रात को पसीना आता है. टीबी के मरीज को अधिक ठंड होने के बावजूद भी पसीना आता है. इसके अलावा बुखार, खांसी, थकान, वजन घटना, सांस लेने में परेशानी भी ट्यूबरक्लोसिस के प्रमुख लक्षणों में है.
एचआईवी : बुखार, गले में खराश , लिम्फ नोड्स में सूजन, और जोड़ों में दर्द एचआईवी के सामान्य लक्षण हैं , लेकिन 10 में से 1 एचआईवी पीड़ित व्यक्ति को रात में पसीना आता है. वर्कआउट या गर्मी की वजह से रात को पसीना सामान्य होता है लेकिन यदि इसके अलावा आपको किसी वजह से पसीना आता है या बेचैनी महसूस होती है तो आपको इस बात को गंभीरता से ले चिकित्सक की सलाह लें.
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