[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Entertainment बचपन से ही बॉलीवुड का कीड़ा हूं : मनीष पॉल

बचपन से ही बॉलीवुड का कीड़ा हूं : मनीष पॉल

0
बचपन से ही बॉलीवुड का कीड़ा हूं : मनीष पॉल
उर्मिला कोरी
एंकर, एक्टर और होस्ट मनीष पॉल इन दिनों सेलिब्रेटीज के साथ लोगों का मनोरंजन करते नजर आ रहे हैं. साथ ही वह अपने शो ‘मूवी मस्ती विद मनीष पॉल’ को खूब इंज्वॉय भी कह रहे हैं. मनीष का यह पहला टीवी शो है, जो उनके नाम से है. अपने हाजिर जवाबी के लिए मशहूर मनीष कहते हैं कि शो कोई भी हो, मगर प्रेशर तो होता ही है. प्रस्तुत है दिलचस्प बातचीत.
Q शो ‘मूवी मस्ती विद मनीष पॉल’ में क्या खास लगा?
मेरे लिए सबसे अहम होता है इंटरटेंमेंट और मेरे लिए इंटरटेंमेंट कॉमेडी भर ही नहीं है. जब यह शो मेरे पास आया, तो मैंने कहा कि गेम शो में क्या खास है, तो उन्होंने बताया कि यह बॉलीवुड बेस्ड शो है.
मैं खुद बचपन से बॉलीवुड का बहुत बड़ा कीड़ा हूं. इसकी खास बात यह लगी कि यहां हम बॉलीवुड एक्टर्स को ही उनकी फिल्मों से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं और वे दे नहीं पा रहे हैं. अजय देवगन अपनी ही फिल्म का जवाब नहीं दे पा रहे. उन्होंने काजोल की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनियां’ तक नहीं देखी है. यह कॉन्सेप्ट मुझे खास लगा. इस शो पर सेलिब्रेटी के साथ आम आदमी भी आते हैं, जो उनके फैंस हैं. उन्हें प्राइज भी जीतने का मौका मिलता है. टीवी पर ऐसे कई शोज हैं जहां पर एक्टर्स अपनी फिल्मों के प्रोमोशन के लिए आते हैं और मस्ती मजाक होता है. मैं ये सब नहीं करना चाहता था. इस शो ने मुझे कुछ अलग करने का मौका दिया. यह शो स्क्रिप्टेड नहीं है. मुझे लगता है कि जो नेचुरल होता है, वही करना चाहिए.
Q आप खुद फिल्मों के कितने दीवाने हैं?
मैं इतना बड़ा कीड़ा था कि बता नहीं सकता. मैं अमिताभ सर का इतना बड़ा फैन हूं कि फिल्म देखने के बाद मैं अपने सीने पर मर्द लिखकर घूमता था. जब भी मेरे स्कूल में फैंसी ड्रेस कंपीटिशन होता था, मैं अमिताभ बच्चन का ही किरदार निभाता था. कभी एंथोनी गांसाल्विस, कभी बादशाह खान, तो कभी कुली का गेटअप लेता था. मैं सभी में जीतता भी था. मुझे याद है जब मैं अमिताभ सर से मिला था, तो उनसे 786 के उस बिल्ले पर साइन भी करवाया था.
Q आपकी ‘फिल्मी मेनिया’ पर पैरेंट कैसे रिएक्ट करते थे?
मेरे पापा चार्टेड एकाउंटेड थे. घर में पढ़ाई का बहुत ही माहौल था,लेकिन मेरा मन कभी नहीं लगा. छोटी उम्र में सभी को मालूम हो गया था कि मुझे फिल्में पसंद हैं. मेरे मम्मी-पापा मेरे लिए फिल्मी मैगजीन लेकर आते थे. कोई ऐसा ऑडियो कैसेट नहीं था, जो मार्केट में आये और मेरे पास न हो. मैं घरवालों को कहता था कि मुझे पॉकेट मनी मत दो, मगर मुझे कैसेट खरीद दो. मूवीज भी खूब देखता था. मम्मी-पापा ही दिखाते थे.
पुरानी फिल्में, पुराने गाने सब सुनता था. मैं राजकपूर की भी फिल्में देखता था, लेकिन सबसे ज्यादा जिस फिल्म ने मुझे छुआ, वह ‘दीवार’ और ‘अग्निपथ’ थी. अग्निपथ में जब बच्चन सर की मौत होती है, उस सीन पर मैं बहुत रोता था. मैं जब भी स्कूल से घर पर लंच खाने के लिए आता था, मैं वीएचएस पर वही देखता था. मुझे पूरी फिल्म लाइन बाइ लाइन याद हो गयी थी, सारे डायलॉग भी. मेरे पास अभी भी वो सारे वीएचएस और ऑडियो कैसेट हैं. मैं उन्हें अपने बच्चे के बच्चे को दिखाऊंगा कि देखो बचपन में मैं ये फिल्में और गाने देखता था.
Q कभी जिंदगी में ‘शो मस्ट गो ऑन’ वाला मामला हुआ?
मेरे साथ कई बार ऐसा हुआ है. मुझे याद मैं जब ‘झलक’ शो होस्ट कर रहा था. दो बार ऐसी खबर आयी, जो बहुत दर्दनाक थी, लेकिन शो मस्ट गो ऑन… वैसे मेरी फैमिली बहुत ही अच्छी है. वह जितना हो सके, इन चीजों से मुझे दूर रखना चाहती है. जब तक वाकई बात बहुत ही सीरियस न हो. हां, कुछ न्यूज ऐसी होती है, जो बतानी होती है.
किसी रिश्तेदार की मौत हो गयी थी. बीवी ने कॉल किया तो मैं दो मिनट के लिए ब्लैंक हो गया था. मैंने फिर खुद को संभाला और कहा कि अभी तो मैं छह घंटे तक नहीं आ सकता. उसके बाद आता हूं. शूट के बाद मैंने दिल्ली की फ्लाइट ली. मेरे साथ कुछ बुरा होता है, तो मैं अपने क्रू मेंबर्स को भी नहीं बताता. मैं चाहता हूं कि किसी का दिन खराब न हो. सब हंसी-खुशी से काम करें. शो मस्ट गो ऑन…
Qबतौर होस्ट अक्सर आप जजेस के साथ फ़्लर्ट करते हैं?
हां, मैं ‘झलक’ में माधुरी जी के साथ करता था, लेकिन फिर मैंने वह दोहराया नहीं. रवीना के साथ ‘नच बलिए’ में नहीं करता था. मुझे खुद को रिपीट करना पसंद नहीं. माधुरी जी के साथ फ्लर्ट था, लेकिन मैंने कभी लाइन क्रॉस नहीं की. मुझे लगता है कि ऑडियंस देख रही है. उनको समझ आता है कि ये ज्यादा हो गया.
Qइस बार आप ‘इंडियन आइडल’ में बतौर होस्ट नहीं नजर आयेंगे?
चैनल का डिसीजन है. मेरा कॉल नहीं है. मैं वर्कर आदमी हूं. काम आता है, तो कर लेता हूं. उन्होंने किसी को और को चुना. ये उनकी च्वाइस है. वैसे मेरे फैंस उदास हैं कि मैं इस बार इस शो में नहीं दिखूंगा. मैं इसी बात से खुश हूं. एक एक्टर के लिए सबसे बड़ी जीत यही है जब लोग आपको मिस करें.
Qफिल्मों के फ्रंट पर क्या चल रहा है?
एक फिल्म साइन की है, लेकिन अभी इस पर कुछ नहीं कह सकता. एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म बनायी है, जिसमें मैं एक्टिंग भी कर रह हूं. वह भी जल्द ही आयेगी. ‘दबंग टूर’ पर इस बार भी जा रहा हूं. शो को ओपन मैं ही करूंगा. भाईजान (सलमान खान) की कृपा बनी है.
Qइस हेक्टिक शेड्यूल में फैमिली के लिए कैसे वक्त निकालते हैं?
मैं लकी हूं कि मुझे ऐसी फैमिली मिली है, जिसे मुझसे कोई शिकायत नहीं है. एक्टर को ऐसी फैमिली मिल जाये, तो फिर और क्या चाहिए. जब मैं घर आता हूं, तो बच्चे सो रहे होते हैं. जब मैं सोता हूं, तो वे स्कूल चले जाते हैं. कई बार एक हफ्ते तक बच्चों से नहीं मिल पाता हूं.
लेकिन मैं अपने परिवार से साथ साल में तीन-चार बार छुट्टियों पर चला जाता है. अभी तीन अक्टूबर से सात अक्टूबर तक फैमिली के साथ महाबलेश्वर गया था. फोन स्विच ऑफ, बस मैं और मेरा परिवार.22 दिसंबर के बाद नौ दिनों तक काम नहीं करता हूं. अप्रैल में 15 दिन काम नहीं करता हूं. यह सिर्फ परिवार का समय होता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel