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व्यंग्य: डिजिटल होली के रंग

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व्यंग्य: डिजिटल होली के रंग

-ललित शौर्य-
होली भी अब डिजिटल हो ली. भला अब किसको रंग-वंग भाता है. सभी डिजिटल होली के खुमार में खोये हैं. रियल की गुजिया मठरी से ज्यादा डिजिटल गुजिया मठरी की डिमांड हैं. लोग खाते कम हैं सोशल मीडिया पर शेयर ज्यादा करते हैं. घर पर भी अगर पांच सौ ग्राम गुजिया बनाई गई तो तुरंत उसकी फोटो खींच कर पांच हजार लोगों तक पहुंचाई जाती है. होली के रंग हवा में कम मोबाइल में ज्यादा उड़ते दिखाई दे रहे हैं. घनघोर डिजिटल युग चल रहा है. त्योहारों की त्योरियां चढ़ने से पहले ही सारी रस्में मोबाइल में निभ जाती हैं. हफ्तों पहले से बधाई के संदेश ठेले जाने लगते हैं. इतनी विकट बधाइयों से मोबाइल का हाजमा भी खराब हो जाता है. उसे हैंग वाला बुखार चड़ जाता है.

इधर गोरिया अब होली में हुड़दंग नहीं मचाती. उन्हें अपनी स्किन के खराब होने का डर सताता रहता है. जिस चेहरे को ब्यूटी पार्लर में हजारों लुटा कर हाई-फाई बनाया गया हो भला उसे दो रुपये के गुलाल से क्यो बेकार किया जाये. होली ही तो है. बिना गुलाल के भी गुल खिला सकती है. इस बार प्रेमी और प्रेमिका ने तय किया है कि वो सिर्फ मोबाइल में ही होली खेलेंगे. व्हाट्स एप्प और फेसबुक से एक दूसरे पर रंग डालेंगे. दोनों ने एक दूसरे को होली वाले दिन, दिनभर ऑनलाइन रहने का प्रोमिस किया है.

प्रेमी डिजिटल होली की तैयारी पूरी कर चुका है.मोबाइल पर डेटा पैक पड़वा चुका है. साथ ही प्रेमिका के फोन पर सस्ता वाला ऑफर पैक डलवा कर अपने सच्चे प्यार का सबूत दे चुका है. वो अपने हाथों से अपने चेहरे पर बड़े सलीके से रंग लगा रहा है. उसने रंग लगे चेहरे की ढ़ेरसारी सेल्फ़ीयां भी ले ली हैं. वो वीडियो कॉल के लिए तैयार है. उधर प्रेमिका भी अपना मुँह सुबह से ही पोतकर बैठी है. उसने फेसबुक पर ढ़ेरसारी फोटोज भी अपलोड कर ली हैं. अब तक चार सौ इक्कीस लाइक और तीन सौ पचहत्तर कमेंट भी आ चुके हैं. वर्तमान प्रेमी का वीडियो कॉल आये उससे पहले ही भूतपूर्व प्रेमी का वीडियो कॉल आ जाता है. प्रेमिका कॉल उठाती है. भूतपूर्व को वर्मतान वाले के बारे में बताती है. भूतपूर्व वाला पिछले साल की होली को याद करता है. जब दोनोँ का प्यार वर्तमान में था. इधर वर्तमान वाला प्रेमिका को कॉल करते-करते परेशान हो चुका है. वो व्हाट्स एप्प पर टेक्स्ट करते-करते थक गया है. वो प्रेमिका को इनबॉक्स में आने का आग्रह कर रहा है. प्रेमिका भूतपूर्व के साथ व्यस्त है. वर्तमान आगबबूला हो चुका है. अब उसे डिजिटल होली के साइड इफेक्ट समझ आ रहे हैं. उसने वर्तमान वाली प्रेमिका को भूतपूर्व बनाने का पूरा मन बना लिया है.

सभी तरफ होली डिजिटला गई है. नेताजी डिजिटल होर्डिंग के माध्यम से जनता को बधाई दे रहे हैं. उनके के रंग पुते चेहरे बड़ी-बड़ी होर्डिंग से मुस्कुरा रहे हैं. होली पर गली-महोल्ले, बाजार सुन्न है. मोबाइल, लैपटॉप, शोसल मीडिया गुलजार है.

इमेल : mlalit982@gmail.com
ग्राम+पोस्ट -मुवानी
जिला-पिथौरागढ़ , उत्तराखंड

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