[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Entertainment अब मैं जिंदगी पर किताब लिखना चाहती हूं : कंगना रनौत

अब मैं जिंदगी पर किताब लिखना चाहती हूं : कंगना रनौत

0
अब मैं जिंदगी पर किताब लिखना चाहती हूं : कंगना रनौत
बॉलीवुड में एक दशक से अधिक के अपने कैरियर में कंगना रनौत ने काफी शोहरत और पुरस्कार हासिल किये हैं, जिनमें तीन राष्ट्रीय पुरस्कार भी शामिल हैं. अभिनेत्री का कहना है कि अगर उनका कैरियर अब समाप्त भी होता है तो उनके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है, क्योंकि पूरी जिंदगी के लिए उनके पास सफलता की एक बड़ी कहानी है.
कंगना ने साल 2006 में गैंगस्टर फिल्म से अपने कैरियर की शुरुआत की थी. उनका कहना है कि फिल्म उद्योग में अपने सफर के दौरान वह खुद को पाने में और अपने डर पर जीत हासिल करने में सक्षम हुईं. साक्षात्कार में कंगना ने कहा, मैंने संघर्ष के दिनों में अपने डर के ऊपर काम किया और खुद को तलाशने की कोशिश की, लेकिन अब मैं खुद से, अपने व्यवहार से, महिला के रूप में खुद को लेकर और अपनी क्षमताओं से पूरी तरह संतुष्ट हूं. मैंने बिना किसी ज्ञान के 15 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था, लेकिन 30 साल की उम्र में मैं खुद के बारे में काफी जानती हूं.
उन्होंने कहा कि मेरे अंदर एक तरह की उपलब्धि की भावना है. मैं तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी हूं और मैंने बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड को तोड़ा. अगर मेरा सफर यहां समाप्त भी होता है तो मेरे पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है. पूरी जिंदगी के लिए मेरे पास सफलता की बड़ी कहानी है.
कंगना डर को लेकर कहती हैं, मुझे क्यों डर लगना चाहिए? मैंने जब घर छोड़ा था तो मैं आत्मनिर्भर बनना चाहती थी और अब मैं एक मेगास्टार हूं. मैं ऐसी महिला हूं जो खुद को जानती हूं, जो कि सबसे बड़ी चुनौती थी. अगर अब मुझे डर लगेगा तो मैं ताउम्र डरी हुई रहूंगी.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel