नयी दिल्ली : स्पाइसजेट के पुनरत्थान के लिए इसके मूल संस्थापक अजय सिंह ने पांच वर्षीय योजना बनाई है, जिसके तहत वह विदेशी निवेशकों को शामिल करते हुये धन जुटाना चाहते हैं.
सिंह कंपनी के मौजूदा प्रवर्तक मारन परिवार की 53 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी खरीदकर स्पाइसजेट का प्रबंधन नियंत्रण अपने हाथ में लेने जा रहे हैं. इस आशय के प्रस्ताव को नागर विमानन मंत्रालय से मंजूरी का इंतजार है. उल्लेखनीय है कि स्पाइसजेट लंबे समय से नकदी संकट से जूझ रही है.
अजय सिंह ने कल रात इस बारे में कहा कि कंपनी ने पुनरोद्धार व पुनर्गठन योजना नागर विमानन मंत्रालय को सौंपी है, इसे मंजूरी मिलनी है. उनकी मंजूरी मिलने के बाद हम पुनरुद्धार योजना का कार्यान्वयन करेंगे.
उल्लेखनीय है कि सस्ती सेवाएं देने वाली निजी क्षेत्र की इस एयरलाइन को संभाल रहे चेन्नई के मारन परिवार ने अपनी सारी 53.48 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इसका नियंत्रण सिंह को स्थानांतरित करने पर सहमति दी है. कंपनी के निदेशक मंडल ने कल इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.
सिंह ने कहा कि पुनरोद्धार योजना कंपनी को वित्तीय रुप से मजबूत बनाने तथा इसकी परिचालनगत दक्षता सुधारने पर केंद्रित होगी. उन्होंने कपंनी को फिर पटरी पर लाने के लिए पंचवर्षीय योजना तैयार की है जिसमें एयरलाइन में हाल ही में शामिल किये गए ‘बंबार्डियर क्यू400 बेड़े’ को हटाना भी शामिल है. इसका ब्यौरा दिए बिना उन्होंने कहा कि धन पाने के लिए विदेशी निवेशकों को साथ लिया जाएगा.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कटौती भी होनी चाहिए. हम इसे कम से कम रखने की कोशिश करेंगे. स्पाइसजेट में लगभग 5000 कर्मचारी हैं. कंपनी ने सौदे व पुनरुद्धार योजना का वित्तीय खुलासा नहीं किया है लेकिन आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह कुल सौदा 1,500 करोड रुपये का हो सकता है.
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