[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business खाद्यान्‍न मांग की पूर्ति के लिए कृषि में दीर्घकालीन निवेश की जरूरत : जेटली

खाद्यान्‍न मांग की पूर्ति के लिए कृषि में दीर्घकालीन निवेश की जरूरत : जेटली

0
खाद्यान्‍न मांग की पूर्ति के लिए कृषि में दीर्घकालीन निवेश की जरूरत : जेटली
नयी दिल्ली : आज वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने देश में भविष्य की खाद्यान्‍न मांग को पूरा करने केलिएकृषि क्षेत्र में दीर्घकालीन निवेश की जरूरत पर बल दिया है.उन्होंने राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) को ग्रामीण वित्त बाजार में व्याप्त कमियों को दूर करने केलिएसतत् प्रयास करते रहने को कहा. ऐसा करने पर बैंक कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्र के विकास में अपने विशिष्ट शीर्ष विकास बैंक के तौर पर विकसित होने में मदद मिलेगी.
जेटली नाबार्ड के निदेशक मंडल को संबोधित कर रहे थे. ग्रामीण आवास को समर्थन करने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने पुनर्वित्त के रुप में नाबार्ड द्वारा 3,000 करोड़ रुपये आबंटित किये जाने के प्रयास की सराहना की. जेटली ने नाबार्ड को छोटे एवं सीमांत किसानों को कृषि रिण, वित्तीय समावेश जैसे क्षेत्रों में निरंतर नेतृत्व उपलब्ध कराने की सलाह दी.
उन्होंने वैसे किसानों को भी दायरे में लेने को कहा जिनके पास उस खेत का मालिकाना हक नहीं है, जिस पर वह खेती करते हैं. वित्त मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि नाबार्ड ने दीर्घकालीन ग्रामीण रिण कोष के तहत बजट में आवंटित 5,000 करोड़ रुपये के शुरुआती कोष का प्रभावी तरीके से उपयोग किया.
उन्होंने स्वयं सहायता समूह के हस्तशिल्प और शिल्पकला उत्पादों के विपणन के लिए नाबार्ड समर्थित दो ई-कामर्स पोर्टल ‘इकराफिटइंडिया’ तथा ‘शिल्पिक्राफ्ट’ शुरू की.

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel