[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business सरकार का राजकोषीय घाटा बढ़ा, राजस्व में कमी रही मुख्य वजह

सरकार का राजकोषीय घाटा बढ़ा, राजस्व में कमी रही मुख्य वजह

0
सरकार का राजकोषीय घाटा बढ़ा, राजस्व में कमी रही मुख्य वजह
नयी दिल्ली : सरकार का राजकोषीय घाटा नवंबर के अंत में 5.25 लाख करोड रुपये पहुंच गया जो पूरे वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 5.31 लाख करोड रुपये के घाटे का लगभग 99 प्रतिशत है. यह केंद्र सरकार के खजाने पर दबाव को दर्शाता है.
लेखा महानियंत्रक द्वारा जारी ताजा आंकडों के अनुसार चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के आठ माह के दौरान राजकोषीय घाटा 98.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इसका मुख्य कारण राजस्व संग्रह का हल्का रहना है.
सरकार 2014-15 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.1 प्रतिशत पर रखने को लेकर प्रतिबद्ध है. यह लक्ष्य पिछले सात साल में सबसे कम है. लक्ष्य हासिल करने के लिये सरकार ने कई कदम उठाये हैं.
सरकार के व्यय एवं राजस्व प्राप्तियों के बीच के अंतर को दर्शाने वाला राजकोषीय घाटा पिछले वित्त वर्ष की इसी समान अवधि में वार्षिक अनुमान के 93.9 प्रतिशत पर था.
आंकडों के अनुसार सरकार का शुद्ध कर राजस्व संग्रह नवंबर के अंत तक 4.13 लाख करोड रुपये रहा जो पूरे साल के लिये अनुमानित 9.77 लाख करोड रुपये का 42.3 प्रतिशत है.
पिछले साल की इसी अवधि में कर संग्रह अनुमान का 44.8 प्रतिशत था. चालू वित्त वर्ष में पिछले आठ महीने के दौरान कुल प्राप्ति (राजस्व और गैर-ऋण पूंजी) 5.49 लाख करोड रुपये रही जो वार्षिक लक्ष्य का 43.4 प्रतिशत है. यह 2013-14 की इसी अवधि में 45.6 प्रतिशत थी.
आंकडों के अनुसार आलोच्य अवधि में सरकार का योजनागत व्यय 2.93 लाख करोड रुपये (51.1 प्रतिशत) तथा गैर-योजनागत व्यय 7.8 लाख करोड रपये (64 प्रतिशत) रहा.
वित्त वर्ष 2013-14 में राजकोषीय घाटा 5.08 लाख करोड रुपये रहा जो जीडीपी का 4.5 प्रतिशत था. 2012-13 में यह 4.9 प्रतिशत था.

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel