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इपीएफओ ब्याज दर, टल सकता है फैसला

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नयी दिल्ली : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (इपीएफओ) के न्यासी बोर्ड की मंगलवार को होनेवाली बैठक में वित्त वर्ष 2014-15 के लिए भविष्य निधि जमा की ब्याज दरों पर फैसला टल सकता. माना जा रहा है कि 8.7 प्रतिशत की जिस ब्याज दर का प्रस्ताव किया गया है, वह यूनियन के प्रतिनिधियों को स्वीकार्य नहीं है.

इपीएफओ के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की 26 अगस्त की बैठक के एजेंडा में ब्याज दरों के भुगतान का मुद्दा सूचीबद्ध है. एजेंडा के नोट के अनुसार, सीबीटी या तो 2014-15 में अपने 5 करोड़ से अधिक अंशधारकों को 8.7 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला करे या फिर इस पर फैसला इस वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही तक के लिए टाल दे.

इपीएफओ ने सुझाव दिया है कि सरकार द्वारा भविष्य निधि कटौती के लिहाज से मासिक वेतन सीमा को मौजूदा 6,500 से बढ़ा कर 15,000 रुपये करने के फैसले के मद्देनजर ब्याज दरों की घोषणा टाल दी जाए. उसकी दलील है कि वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक सरकार के इस निर्णय का उचित आकलन करना संभव होगा. वेतन सीमा में बढ़ोतरी से करीब 50 लाख और कर्मचारी इपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ जायेंगे.

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