नयी दिल्ली : भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बुधवार को कहा कि डीटीएच एवं केबल सेवा प्रदाता किसी भी उपभोक्ता से ‘सर्वाधिक उपयुक्त योजना’ (पैकेज) के तहत उनके सामान्य मासिक बिल से अधिक राशि नहीं वसूल सकते हैं. नियामक ने साथ ही आगाह किया कि किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जायेगी.
ट्राई के सचिव एस के गुप्ता ने कहा, ट्राई ने वितरण मंच परिचालकों (डीपीओ) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे सर्वाधिक उपयुक्त योजना के तहत उपभोक्ताओं से उनकी मौजूदा योजना से अधिक राशि नहीं ले सकते. गुप्ता ने कहा कि ट्राई स्थिति पर को बराबर देख रही है.
उपभोक्ताओं ने कोई शिकायत की तो उस पर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा, ट्राई ने डीपीओ को उन ग्राहकों को सबसे उपयुक्त योजना पेश करने को कहा है जिन्होंने अभी तक चैनलों के विकल्प खुद नहीं चुने हैं. ऐसा उपभोक्ताओं की हितों की रक्षा और उन्हें किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए किया गया है. नियामक ने चैनलों का चुनाव करने की अंतिम तिथि को बढ़ा कर 31 मार्च, 2019 तक कर दिया है.
ट्राई ने कहा कि उपभोक्ताओं के इस्तेमाल के तरीके और भाषा के आधार पर सर्वाधिक उपयुक्त योजना को डिजाइन किया जाना चाहिए. ट्राई ने साथ ही इसमें सबसे बेहतर पैक का विकल्प मुहैया कराने का एलान भी किया. याद रहे कि ट्राई ने हाल ही में एक विज्ञप्ति जारी करके कहा है कि सेवा प्रदाता एक ही लोकेशन या घर के दूसरे या मल्टीपल कनेक्शन पर ग्राहकों को छूट दे सकते हैं.
इसमें किसी तरह की रोक नहीं है. सेवा प्रदाता को यह जानकारी उसकी वेबसाइट पर डालने को कहा गया था. गौरतलब है कि डीटीएच और केबल टीवी उपभोक्ताओं के लिए ट्राई ने हेल्पलाइन भी जारी की है. किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उपभोक्ता 011-23237922 और 011-23220209 पर फोन करके सहयोग ले सकते हैं.
31 मार्च तक कर पायेंगे चैनल का चुनाव
टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने सब्सक्राइबर्स द्वारा चैनल चुनाव करने की तारीख बढ़ा दी है. अब यूजर्स 31 मार्च तक अपने मनपसंद चैनल का चुनाव कर पायेंगे. ट्राई के नये नियमों के तहत यूजर्स को केवल उन्हीं चैनल्स का पैसा देना होगा जो वो देखना चाहते हैं. अब हर चैनल के साथ उसका एमआरपी दिया गया है. ट्राई द्वारा 29 दिसंबर 2018 से नये नियमों को जारी किया गया था.
एक फरवरी को लागू किये गये थे ब्रॉडकास्ट नियम
ट्राई द्वारा ब्रॉडकास्ट नियम गत एक फरवरी से लागू किये गये थे. इस दौरान तक महज 65 प्रतिशत केबल ग्राहकों ने अपने चैनलों का चुनाव किया था. जबकि 35 प्रतिशत डीटीएच ग्राहकों द्वारा पैक या चैनल चुने गये थे. लोगों को हो रही परेशानी के मद्देनजर 11 फरवरी यानी सोमवार को सेवा प्रदाताओं के साथ बैठक कर नियामक ने तिथि को 31 मार्च तक बढ़ाने का निर्णय लिया.
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