5 दिनों में 7 हजार से ज्यादा चालान और 72 एफआईआर, सड़क पर कहीं आप भी तो नहीं कर रहे यह गलती?
दिल्ली पुलिस ने रॉन्ग साइड ड्राइविंग के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है. पिछले पांच दिनों में हजारों चालान काटे गए हैं और कई मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की गई है.
दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अब पुलिस ने बेहद सख्त रवैया अपनाना शुरू कर दिया है. खासकर रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाने वाले वाहन चालकों पर दिल्ली पुलिस का बड़ा अभियान जारी है. पिछले पांच दिनों में पुलिस ने 7,249 चालान काटे हैं और 72 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है. इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि अब सिर्फ जुर्माना भरकर बच निकलना आसान नहीं होगा. अगर लापरवाही गंभीर पाई गई तो कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
क्यों चला रही है दिल्ली पुलिस यह विशेष अभियान
दिल्ली पुलिस के मुताबिक राजधानी में सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. रॉन्ग साइड ड्राइविंग को सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजहों में से एक माना जाता है. ऐसे मामलों में आमने-सामने की टक्कर का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं.
पुलिस का कहना है कि लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ते हादसों को देखते हुए अब ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
सिर्फ चालान नहीं, अब हो रही एफआईआर भी
आमतौर पर रॉन्ग साइड ड्राइविंग में चालान काटा जाता था, लेकिन अब कई मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज की जा रही है. दिल्ली पुलिस ने दिसंबर 2025 से ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की थी.
यदि कोई वाहन चालक बार-बार रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते पकड़ा जाता है या उसकी लापरवाही से हादसा हो जाता है, तो मामला आपराधिक कानून के दायरे में पहुंच सकता है. ऐसे मामलों में पुलिस एफआईआर दर्ज कर सकती है.
क्या है नियम और कितना लगता है जुर्माना
मोटर व्हीकल नियमों के अनुसार पहली बार रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते पकड़े जाने पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं दूसरी बार यही गलती दोहराने पर जुर्माना बढ़कर 1,500 रुपये तक पहुंच सकता है.
हालांकि अगर मामला ज्यादा गंभीर हो, जैसे किसी की जान खतरे में डालना या बार-बार नियम तोड़ना, तो पुलिस सीधे कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है.
हर मामले में तुरंत नहीं होती एफआईआर
दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि हर रॉन्ग साइड ड्राइविंग मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की जाती. पुलिस पहले यह जांच करती है कि गलती जानबूझकर की गई थी या सड़क पर खराब संकेत, गलत साइन बोर्ड या भ्रम की स्थिति के कारण हुई.
लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज हुई हैं, उससे यह साफ हो गया है कि अब पुलिस ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लेना चाहती.
सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ रही सख्ती
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े शहरों में बढ़ती ट्रैफिक समस्या के बीच सड़क सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी हो गया है. रॉन्ग साइड ड्राइविंग न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह दूसरों की जान के लिए भी खतरा बन सकती है.
दिल्ली पुलिस का यह अभियान आने वाले समय में और सख्त हो सकता है. ऐसे में वाहन चालकों के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है.
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