[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home archive आदिकाल से कांवरयात्रा की है परंपरा: डीआईजी

आदिकाल से कांवरयात्रा की है परंपरा: डीआईजी

0

कांवरिया पथ पर सेवा शिविर का उद्घाटन

बेगूसराय : आदि समय से कांवर यात्रा की परंपरा रही है. संभवत: यह विश्व की सबसे बड़ी धार्मिक तीर्थ यात्रा है जहां लाखों लोग सावन महीने में कांवर यात्रा पर निकलते हैं . उक्त बातें भागलपुर प्रक्षेत्र के डीआईजी विकास वैभव ने बेगूसराय नि:शुल्क सेवा शिविर का उद्घाटन करते हुए कहीं. यह शिविर बांका जिले के कांवरिया पथ शिवलोक सुइयां में लगा है. अपने संबोधन में विकास वैभव ने कहा कि बेगूसराय के लोगों की सेवा भाव की परंपरा रही है, इस सेवाभाव को लेकर यह जो शिविर आयोजित है वह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगा. कांवर यात्रा महज धर्म की यात्रा नहीं है बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आये हुए लोगों के समरसता की यात्रा है. वहीं बांका एसपी चंदन कुशवाहा ने कहा कि जब सेवा भाव के लिए युवा आगे आते हैं
तो देश के अंदर शांति और सद्भाव का माहौल तैयार होता है. बेगूसराय के लोग लगातार कांवरियों की सेवा के लिए जो प्रयास कर रहे हैं वह अनोखा प्रयास है. इससे देश के और युवाओं को प्रेरणा देने का काम करेगा. गणेशदत्त महाविद्यालय के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो कमलेश कुमार ने कहा कि सेवा से बढ़कर कोई धर्म या कर्म नहीं है.
जब लोग धर्म की यात्रा पर हो तो जन सेवा का भाव जागृत होना और सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है. मंच पर मौजूद अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रभाकर कुमार राय ने कहा कि बेगूसराय द्वारा यह सेवा शिविर विगत कई वर्षों से जारी है. बेगूसराय के लोगों ने अपनी पहचान को सेवा के भाव से स्थापित किया है. इस अवसर पर बेगूसराय सेवा शिविर के नंदन चौधरी, शंकर मुखिया, सुभाष कुमार सिंह,अमृत कुमार सिंह, सुजीत कुमार के द्वारा आगत अतिथियों के साथ प्रभाकर राय, डाॅ चंदन कुमार का अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मान किया.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel